🎵भोले की धुन🎵
🙏 गायक: शेखर जयसवाल
🎼 संगीत: सैफ
विवरण:
भोले की धुन भजन शेखर जयस्वाल की आवाज़ में प्रस्तुत किया गया है, जिसमें भगवान शिव की भक्ति और उनके अनोखे रूपों को गाया गया है। इस भजन में भोलेनाथ की कैलाश में बसने वाली धुन, उनकी तीसरी आंख की ज्वाला, और उनका नृत्य, साथ ही उनके भक्तों की आनंदमयी भावनाओं का वर्णन किया गया है। इस भक्ति गीत को सुनें और भगवान शिव के रंग में रंगकर अपने जीवन को दिव्य आशीर्वाद से भरें।
गीत के बोल:
मलंग मलंग मलंग
भोले की धुन में होके नाचूँ मलंग,
चढ़ने लगा है मुझे चढ़ने लगा है,
चढ़ने लगा है मुझे भोले का रंग,
भोले की धुन में होके नाचूँ मलंग…..
कोई नीलकंठ जटाधारी भोले,
कोई भोले कैलाशी,
मस्त मलंग वो अपनी धुन के पर्वत के वासी,
पीते है विष भोले पीते है भंग,
चढ़ने लगा है मुझे बोले का रंग,
भोले की धुन में होके नाचूँ मलंग…..
झूम रहा सारा कैलाश,
भोले जी की भक्ति में,
हाथ मे डमरू डम डम बजे,
गले मे सर्प की माला है,
ऐसा दण्डव करते भोले,
तीसरी आंख में ज्वाला है,
जटा में गंगा तेरे गौरा है संग,
चढ़ने लगा है मुझे बोले का रंग,
भोले की धुन में होके नाचूँ मलंग…..
Credit Details :
Song: Bhole Ki Dhun
Singer: Shekhar Jaiswal
Music: Saif
Lyrics: Ankit Sharma
अगर आपको यह भजन अच्छा लगा हो तो कृपया इसे अन्य लोगो तक साझा करें।